कानपुर के बिकरू गांव में 2 जुलाई की रात हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने यूपी पुलिस की टीम गई थी. लेकिन दुबे और उसके साथियों ने पुलिस पर हमला कर दिया. इसमें आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए। मरने वालों में सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा और एसओ शिवराजपुर महेश यादव भी शामिल हैं। एडीजी जय नारायण सिंह ने घटना की पुष्टि की है। चार पुलिसकर्मी घायल भी हैं। घटना कानपुर में चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव की है। घटना के बाद से विकास दुबे फरार है। सूचना के बाद कई थानों की फोर्स गांव पहुंची और घायलों को लेकर रीजेंसी अस्पताल लाया गया।

विकास दुबे की कॉल डिटेल्स में पुलिस वालो के नंबर

घटना के बाद, राज्य भर से पुलिस और STF टीमों को तैनात किया गया है। 36 घंटे हो गए हैं लेकिन अभी तक कोई पुलिस को कोई सुराख़ नहीं मिला है। विकास दुबे की कॉल डिटेल्स में कई पलिस वालो के नंबर पाए गए हैं। इधर सूत्रों से जानकारी मिली है कि चौबेपुर थाने के ही एक दारोगा ने ही विकास दुबे को पुलिस रेड की सूचना पहले ही दे दी थी।

विकास दुबे की मां ने कहा गोली मार दो

photo: ANI

विकास दुबे की जानकारी  देने पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम रखा है. और जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जायेगा। इसी बीच दुबे की मां सरला देवी पुलिसवालों पर हमले से गुस्से में हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को उसे पकड़कर मार डालना चाहिए। पुलिस पर हमले के वक्त सरला देवी लखनऊ में थीं। उन्हें टीवी के जरिए विकास दुबे के पुलिस पर हमले की जानकारी मिली।

विकास दुबे का राजनितिक कनेक्शन

विकासदुबे चौबेपुर विधानसभा से पूर्व विधायक हरिकिशन श्रीवास्तव का करीबी था। हरिकिशन श्रीवास्तव जनता पार्टी, जनता दल और बीएसपी से विधायक रहे चुके हैं। उस वक्त हरिकिशन श्रीवास्तव राजनीतिक गलियारों में बड़े नेता माने जाते थे। पूर्व विधायक का जो काम कोई नहीं कर पाता था वो विकास दुबे चुटकियों में कर देता था। विकासदुबे का मुख्य काम रंगदारी वसूलना था।

बता दें कि विकास दुबे खूंखार अपराधी है, 2000 में कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र स्थित ताराचंद इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्धेश्वर पांडेय की हत्या के मामले मे विकासदुबे को नामजद किया गया था। 2003 में शिवली थाने में घुसकर तत्कालीन श्रम संविदा बोर्ड के चेयरमैन राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त भाजपा नेता संतोष शुक्ला की हत्या का आरोप लगा था। बाद में वह इस केस से बरी हो गया था।इसी साल उसके ऊपर रामबाबू यादव की हत्या के मामले में साजिश रचने का आरोप लगा था। यह साजिश उसने जेल से बैठकर रची थी। इसके अलावा विकास पर प्रदेश भर में लगभग 60 और गंभीर मामले दर्ज हैं।

सोशल मीडिया और विपक्षी दल लगातार विकास दुबे को टेररिस्ट घोसित किये जाने की मांग कर रहे हैं। कुछ लोगों का यह भी कहना है की विनय दुबे के खिलाफ NSA(रासुका) के तहत कार्यवाही क जाये। सरकार ने अभी इस पर अपना रुख साफ नहीं किया है।

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